Monday, February 6, 2017

प्यार (Poem in hindi)

pyar poem in hindi
ढाई अक्षर मिलने से बनता है ,
या फिर दो दिलो के मिलने से बनता है
लेकिन कुछ भी समझो प्यार है बड़ा अनमोल 
जिससे भगवान ने बनाया है 
अजीब खेल खेलता है प्यार 
कभी हँसता तो कभी रुलाता है प्यार 
प्यार अमर है जिसका ना जन्म 
हुआ है ना ही अन्त 
यह कही भी कभी भी किसी से हो जाता है
प्यार एक अनमोल रतन है 
जो किस्मत वालो को मिलता है 
फूल गुलाब का प्यार का अजीब फसाना है 
 जो स्वयं टूट कर दो दिलो को मिला देता है 
चाँद की तरह शीतल है प्यार 
सूरज की तरह गर्म है प्यार 
ठंडी -ठंडी हवा की तरह सुन्दर प्यार 
फूलों  की तरह सुगन्धित है प्यार 
बड़े खुशनसीब है वो लोगो 
जिने जिन्दगी में सच्चा प्यार मिलता है 
इसलिए मैं कहता हूँ प्यार एक 
हवा की भान्ति है जो धीरे-धीरे 
जीवन में होता है 







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