Wednesday, May 10, 2017
Maa Poem in hindi
Hello guys, I write some line about Maa in Hindi.I hope u can like my poem.
जब भी तेरी भोली सी सूरत,
आँखों के सामने आती हैं माँ।
तब याद आते हैं मुझे,
बचपन के वो हसीन पल।
जिन ने तेरे साथ बिताता था माँ।
याद आती है ,मुझे
उस रस-मलाई की जो
तुम मुझे खिलाती थी
अपनी गोद में बैठा कर।
मेरी छोटी छोटी गलतियों
को हँस कर माफ़ करने वाली जननी,
याद हैं मुझे वो समय
जब मेरे स्कूल से आने का
इंतज़ार माँ तुम करती थी,
अपनी भूख को मिटा कर
मुझे खाना खिलाती थी।
याद आता हैं मुझे वो दिन
जब ठोकर खाकर मै
गिरा था सड़क पर,
तेरी आँखों के आँसू
बात कर रहे थे उस दर्द को
जो मेरी बजा से तुम को हुआ था।
सोचता था कि मै
बड़ा होकर तेरी सेवा करुँगा,
तेरे पैरों को अपना स्वर्ग बना दँ ू
तेरे पलकों को अपना आईना,
पर ज़िन्दगी की भीड़ में
यूँ खो सा गया हूँ।
तेरी ममता की चादर से
दूर हो सा गया हूँ।
जीना चाहता हूँ उन पलों को
जो तेरे साथ बिताएँ थे माँ बचपन में ,
पर वक्त की मार ने मुझे
बड़ा सा बना दिया।
कोशिस किया करुँगा मैं
तुझे खुश रख सकूँ,
यहीं दुआ करता हूँ
उस रब से।
Thank you.You read my poem Maa in Hindi...Hope so you like my poem.
Please share my poem Maa in Hindi..
The line is given below....
जब भी तेरी भोली सी सूरत,
आँखों के सामने आती हैं माँ।
तब याद आते हैं मुझे,
बचपन के वो हसीन पल।
जिन ने तेरे साथ बिताता था माँ।
याद आती है ,मुझे
उस रस-मलाई की जो
तुम मुझे खिलाती थी
अपनी गोद में बैठा कर।
मेरी छोटी छोटी गलतियों
को हँस कर माफ़ करने वाली जननी,
याद हैं मुझे वो समय
जब मेरे स्कूल से आने का
इंतज़ार माँ तुम करती थी,
अपनी भूख को मिटा कर
मुझे खाना खिलाती थी।
याद आता हैं मुझे वो दिन
जब ठोकर खाकर मै
गिरा था सड़क पर,
तेरी आँखों के आँसू
बात कर रहे थे उस दर्द को
जो मेरी बजा से तुम को हुआ था।
सोचता था कि मै
बड़ा होकर तेरी सेवा करुँगा,
तेरे पैरों को अपना स्वर्ग बना दँ ू
तेरे पलकों को अपना आईना,
पर ज़िन्दगी की भीड़ में
यूँ खो सा गया हूँ।
तेरी ममता की चादर से
दूर हो सा गया हूँ।
जीना चाहता हूँ उन पलों को
जो तेरे साथ बिताएँ थे माँ बचपन में ,
पर वक्त की मार ने मुझे
बड़ा सा बना दिया।
कोशिस किया करुँगा मैं
तुझे खुश रख सकूँ,
यहीं दुआ करता हूँ
उस रब से।
Thank you.You read my poem Maa in Hindi...Hope so you like my poem.
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