Thursday, June 15, 2017
दीवाना स्वपन
हवा लहराहे ,जुल्फ़े सरमाये ,
चमकीली आँखे,तारों याद दिलाये ,
गुलाबी गुलाबी गाल मन बहलाये ,
रसीले होठ परिया याद दिलाये ,
माथे बिदिया दिल हिलाये ,
बजती चूडिया मधुर संगीत सुनाये ,
पैरों की पायल बारिश याद दिलाये ,
चलते चलते कदम पास आने का एहसास कराये ,
धीरे धीरे आते कदम ,
बहती नदियाँ की याद दिलाये ,
जब आये करीब मेरे ,
पाना चाहता था उसे मैं ,
हवा लहराहे ,जुल्फ़े सरमाये ,
फिर वो परी बनकर आसमान में कही खो गए।
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