Wednesday, June 7, 2017

दोस्ती (Poem in Hindi)

dosti poem in hindi

एक हसीन सा खाब हो  तुम,
गुज़रे कल की याद हो  तुम,
बहती नदी की धरा हो  तुम, 
साहील में डूबी किस्ती का किनारा हो तुम,

गुलाब की पुंखड़ियो की मिठास हो तुम ,
मेरे जीवन की आस हो तुम,
दुनिया की महफील की सान हो तुम,
मेरे छोटे से दिल की आवाज हो तुम,

अब में  तेरे बारे में क्या लिखू,
अलफ़ाज़ नहीं हैं तुझे वया करने के,
तुम हो एक हसीन सा चेहरा,
जो हर रोज़ मेरे खयालों में आता हैं,

मुझे दिख कर यह  मत  
सोचना की मैं बुरा हूँ ,
हर चमकती चीज सोना नहीं होती,
टूटी हुए बांसुरी किसी काम की नहीं होती,

याद हैं हमें तुम्हारी दोस्ती के वो लम्बे 
जीने मैं संजोकर में यहाँ लाया था 
याद करना तो चाहता हूँ  मैं 
तुझे इस कयनाथ में 
पर जीवन की इस भीड़ भूल्या 
मे कहीं खो सा गया हूँ

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